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Showing posts from July, 2016

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है - २ चिट्ठी है वतन से चिट्ठी आयी है बड़े दिनों के बाद , हम बेवतनों को याद - २ वतन की मिट्टी आई है , चिट्ठी आई है ... ऊपर मेरा नाम लिखा हैं , अंदर ये पैगाम लिखा हैं - २ ओ परदेस को जाने वाले , लौट के फिर ना आने वाले सात समुंदर पार गया तू , हमको ज़िंदा मार गया तू खून के रिश्ते तोड़ गया तू , आँख में आँसू छोड़ गया तू कम खाते हैं कम सोते हैं , बहुत ज़्यादा हम रोते हैं , चिट्ठी ... सूनी हो गईं शहर की गलियाँ , कांटे बन गईं बाग की कलियाँ - २ कहते हैं सावन के झूले , भूल गया तू हम नहीं भूले तेरे बिन जब आई दीवाली , दीप नहीं दिल जले हैं खाली तेरे बिन जब आई होली , पिचकारी से छूटी गोली पीपल सूना पनघट सूना घर शमशान का बना नमूना - २ फ़सल कटी आई बैसाखी , तेरा आना रह गया बाकी , चिट्ठी ... पहले जब तू ख़त लिखता था कागज़ में चेहरा दिखता था - २ बंद हुआ ये मेल भी अब तो , खतम हुआ ये खेल भी अब तो डोली में जब बैठी बहना , रस्ता देख रहे थे नैना - २ मैं तो बाप हूँ मेरा क्या है , तेरी माँ का हाल बुरा है तेरी बीवी करती है सेवा , सूरत से लगती हैं बे...

ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले

ए जिन्दगी गले लगाले-2 हमने भी तेरे हर एक गम को गले से लगाया है हे ना ए जिन्दगी गले लगाले-2 हमने बहाने से, छुपके ज़माने से पलको के पर्दे में, घर भर लिया तेरा सहारा मिल गया जिन्दगी ए जिन्दगी गले लगाले छोटा सा साया था, आँखों में आया था हमने तो बूंदों से, मन भर लिया हमको किनारा मिल गया है जिन्दगी ए जिन्दगी गले लगाले

ज़िन्दगी कैसी है पहेली हाय

जिन्दगी केसी है पहेली हाए, कभी तो हंसाये कभी ये रुलाये कभी देखो मन नहीं जागे, पीछे-पीछे सपनो के भागे-2 एक दिन सपनो का राही, चला जाये सपनो से आगे कहाँ जिन्दगी केसी है पहेली हाए, कभी तो हंसाये कभी ये रुलाये जिन्होंने सजाये यहाँ मेले, सुख-दुःख संग-संग झेले-2 वही चुनकर ख़ामोशी, यूं चले जाये अकेले कहाँ जिन्दगी केसी है पहेली हाए, कभी तो हंसाये कभी ये रुलाये

मैं शायर तो नहीं, मगर ऐ हसीं

में शायर तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, शायरी आ गई में आशिक तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, आशिकी आ गई प्यार का नाम मेने सुना था मगर प्यार क्या है ये मुझको नहीं थी खबर में तो उलझा रहा उलझनों की तरह दोस्तों में रहा दुश्मनों की तरह में दुश्मन तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, दोस्ती आ गई सोचता हूँ अगर में दुआ मांगता हाथ अपने उठाकर में क्या मांगता जबसे तुझसे मुहब्बत में करने लगा तब से जैसे इबादत में करने लगा में काफ़िर तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, बंदगी आ गई

यार बिना चैन कहाँ रे

यार बिना चैन कहाँ रे-2 सोना नहीं चाँदी नहीं यार तो मिला अरे प्यार कर ले कोई नया सपना निगाहों में तो है कोई नया साथी नयी राहों में तो है दिल जो मिलेंगे तकधीर बनेगी जिन्दगी की नई तस्वीर बनेगी प्यार में ये दिल बेकरार कर ले यार बिना चैन कहाँ रे यार हमे पैसा नहीं प्यार चाहिए कोई मनचाहा दिलदार चाहिए हीरे मोतियों से जहाँ दिल ना तुले सपनो का एसा संसार चाहिए ये भी होगा थोडा इन्तजार कर ले यार बिना चैन कहाँ रे-2 सोना नहीं चाँदी नहीं यार तो मिला अरे प्यार कर ले