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Showing posts from 2016

बड़े अच्छे लगते हैं

बड़े अच्छे लगते हैं , ये धरती , ये नदिया , ये रैना और-   और तुम... बड़े अच्छे लगते हैं , ये धरती , ये नदिया , ये रैना और-   और तुम ओ माझी रे , जइयो पिया के देस हम तुम कितने पास हैं कितने दूर हैं चाँद सितारे सच पूछो तो मन को झूठे लगते हैं ये सारे हम तुम कितने पास हैं कितने दूर हैं चाँद सितारे सच पूछो तो मन को झूठे लगते हैं ये सारे मगर सच्चे लगते हैं , ये धरती , ये नदिया , ये रैना , और तुम बड़े अच्छे... तुम इन सबको छोड़के कैसे कल सुबह जाओगी मेरे साथ इन्हें भी तो तुम याद बहुत आओगी तुम इन सबको छोड़के कैसे कल सुबह जाओगी मेरे साथ इन्हें भी तो तुम याद बहुत आओगी बड़े अच्छे...

में हूँ प्रेम रोगी मेरी दावा तो कराओ

अरे कुछ नहीं , कुछ नहीं - २ फिर कुछ नहीं है भाता जब रोग ये लग जाता मैं हूँ प्रेम रोगी हाँ मैं हूँ प्रेम रोगी मेरी दवा तो कराओ मैं हूँ प्रेम रोगी मेरी दवा तो कराओ ओ जाओ जाओ जाओ कोई वैध को बुआओ मैं हूँ प्रेम रोगी कुछ समझा कुछ समझ न पाया दिल वाले का दिल भर आया और कभी सोचा जायेगा क्या कुछ खोया क्या कुछ पाया जा तन लागे वो तन जाने - २ ऐसी है इस रोग की माया मेरी इस हालत को हाँ मेरी इस हालत को नज़र ना लगाओ ओ जाओ जाओ जाओ कोई वैध को बुआओ मैं हूँ प्रेम रोगी हो ओ ओऽ सोच रहा हूँ जग क्या होता इसमें अगर ये प्यार न होता मौसम का एहसास न होता गुल गुलशन गुलज़ार न होता होने को कुछ भी होता पर - २ ये सुंदर संसार न होता मेरे इन ख़यालों में मेरे इन ख़यालों में तुम भी डूब जाओ जाओ जाओ जाओ कोई वैध को बुआओ मैं हूँ प्रेम रोगी यारो है वो क़िस्मत वाला प्रेम रोग जिसे लग जाता है सुख - दुख का उसे होश नहीं है अपनी लौ में रम जाता है हर पल ख़ुद ही ख़ुद हँसता है हर पल ख़ुद ही ख़ुद रोता है ये रोग लाइलाज़ सही फिर भी कुछ कराओ ओ जाओ जाओ जाओ अरे जाओ जाओ जा...

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है - २ चिट्ठी है वतन से चिट्ठी आयी है बड़े दिनों के बाद , हम बेवतनों को याद - २ वतन की मिट्टी आई है , चिट्ठी आई है ... ऊपर मेरा नाम लिखा हैं , अंदर ये पैगाम लिखा हैं - २ ओ परदेस को जाने वाले , लौट के फिर ना आने वाले सात समुंदर पार गया तू , हमको ज़िंदा मार गया तू खून के रिश्ते तोड़ गया तू , आँख में आँसू छोड़ गया तू कम खाते हैं कम सोते हैं , बहुत ज़्यादा हम रोते हैं , चिट्ठी ... सूनी हो गईं शहर की गलियाँ , कांटे बन गईं बाग की कलियाँ - २ कहते हैं सावन के झूले , भूल गया तू हम नहीं भूले तेरे बिन जब आई दीवाली , दीप नहीं दिल जले हैं खाली तेरे बिन जब आई होली , पिचकारी से छूटी गोली पीपल सूना पनघट सूना घर शमशान का बना नमूना - २ फ़सल कटी आई बैसाखी , तेरा आना रह गया बाकी , चिट्ठी ... पहले जब तू ख़त लिखता था कागज़ में चेहरा दिखता था - २ बंद हुआ ये मेल भी अब तो , खतम हुआ ये खेल भी अब तो डोली में जब बैठी बहना , रस्ता देख रहे थे नैना - २ मैं तो बाप हूँ मेरा क्या है , तेरी माँ का हाल बुरा है तेरी बीवी करती है सेवा , सूरत से लगती हैं बे...

ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले

ए जिन्दगी गले लगाले-2 हमने भी तेरे हर एक गम को गले से लगाया है हे ना ए जिन्दगी गले लगाले-2 हमने बहाने से, छुपके ज़माने से पलको के पर्दे में, घर भर लिया तेरा सहारा मिल गया जिन्दगी ए जिन्दगी गले लगाले छोटा सा साया था, आँखों में आया था हमने तो बूंदों से, मन भर लिया हमको किनारा मिल गया है जिन्दगी ए जिन्दगी गले लगाले

ज़िन्दगी कैसी है पहेली हाय

जिन्दगी केसी है पहेली हाए, कभी तो हंसाये कभी ये रुलाये कभी देखो मन नहीं जागे, पीछे-पीछे सपनो के भागे-2 एक दिन सपनो का राही, चला जाये सपनो से आगे कहाँ जिन्दगी केसी है पहेली हाए, कभी तो हंसाये कभी ये रुलाये जिन्होंने सजाये यहाँ मेले, सुख-दुःख संग-संग झेले-2 वही चुनकर ख़ामोशी, यूं चले जाये अकेले कहाँ जिन्दगी केसी है पहेली हाए, कभी तो हंसाये कभी ये रुलाये

मैं शायर तो नहीं, मगर ऐ हसीं

में शायर तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, शायरी आ गई में आशिक तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, आशिकी आ गई प्यार का नाम मेने सुना था मगर प्यार क्या है ये मुझको नहीं थी खबर में तो उलझा रहा उलझनों की तरह दोस्तों में रहा दुश्मनों की तरह में दुश्मन तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, दोस्ती आ गई सोचता हूँ अगर में दुआ मांगता हाथ अपने उठाकर में क्या मांगता जबसे तुझसे मुहब्बत में करने लगा तब से जैसे इबादत में करने लगा में काफ़िर तो नहीं, मगर ए हंसी जबसे देखा मेने तुझको मुझको, बंदगी आ गई

यार बिना चैन कहाँ रे

यार बिना चैन कहाँ रे-2 सोना नहीं चाँदी नहीं यार तो मिला अरे प्यार कर ले कोई नया सपना निगाहों में तो है कोई नया साथी नयी राहों में तो है दिल जो मिलेंगे तकधीर बनेगी जिन्दगी की नई तस्वीर बनेगी प्यार में ये दिल बेकरार कर ले यार बिना चैन कहाँ रे यार हमे पैसा नहीं प्यार चाहिए कोई मनचाहा दिलदार चाहिए हीरे मोतियों से जहाँ दिल ना तुले सपनो का एसा संसार चाहिए ये भी होगा थोडा इन्तजार कर ले यार बिना चैन कहाँ रे-2 सोना नहीं चाँदी नहीं यार तो मिला अरे प्यार कर ले

और इस दिल में क्या रखा है

और इस दिल में क्या रखा है  - 2 तेरा ही प्यार छुपा रखा है-2 चीर के देखे , दिल मेरा तो-2 तेरा ही दर्द छुपा रखा है  -2 प्यार के अफ़्साने , सुने थे लोगों से प्यार क्या होता है , यह तूने समझाया मिला दिल तुझसे तो , ख़ाब देखे ऐसे जुनूं जाने कैसा , जवां दिल पे छाया दिल में ऐसा दर्द उठा दिल हो गया दीवाना दिल हो गया दीवाना ... दीवानों ने , इस दुनिया में-2 दर्द का नाम दवा रखा है-2 और इस दिल में , क्या रखा है तेरा ही प्यार छुपा रखा है निगाहों में मेरी , यह सूरत है तेरी सूरत यह तेरी , इनायत है मेरी धड़कते सीने में , मोहब्बत है तेरी मोहब्बत है तेरी , इबादत है मेरी तेरे सिवा कुछ याद नहीं है तू ही तू दिल में हाँ तू ही तू दिल में दिल ने प्यार की पूजा की है-2 प्यार का नाम ख़ुदा रखा है-2 और इस दिल में , क्या रखा है तेरा ही प्यार छुपा रखा है

किसी नज़र को तेरा इंतज़ार आज भी है

किसी नज़र को तेरा इंतज़ार आज भी है कहाँ हो तुम कि ये दिल बेक़रार आज भि है वो वादियाँ वो फ़ज़ायें कि हम मिले थे जहाँ मेरी वफ़ा का वहीं पर मज़ार आज भी है न जाने देख के क्यों उन को ये हुआ एहसास कि मेरे दिल पे उंहें इख़्ह्तियार आज भी है वो प्यार जिस के लिये हमने छोड़ दी दुनिया वफ़ा की राह पे घायल वो प्यार आज भी है यकीं नहीं है मगर आज भी ये लगता है मेरी तलाश में शायद बहार आज भी है न पूछ कितने मोहब्बत के ज़ख़्ह्म खाये हैं कि जिन को सोच के दिल सोग़वार आज भी है

आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न

आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न-2 जालिम तेरी निगाह से जलता गया कफ़न आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न, जालिम तेरी निगाह से जलता गया कफ़न आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न-2 किस किस को में दिखाऊ बता, अपने दिल के गम-2 पहने हुए हैं सब ही यहाँ, मोत का कफ़न-2 जालिम तेरी निगाह से जलता गया कफ़न आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न आये ना रस हमको तेरी, दोस्ती के फूल-2 कांटे चमन के बनने लगे, फिर मेरा कफ़न-2 जालिम तेरी निगाह से जलता गया कफ़न आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न ये जुल्म ये सितम ये दिलों की अदावतें-2 कहते हैं इनको लोग यहाँ, बोलता कफ़न-2 आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न आये ना रस हमको तेरी, दोस्ती के फूल-2

तुमसे मिलने की तमन्ना है, प्यार का इरादा है

( तुमसे मिलने की तमन्ना है , प्यार का इरादा है और एक वादा हैं जानम ) - ( 2) जो कभी हम मिले , तो ज़माना देखेगा अपना प्यार ओ मेरे यार - ( 2) तुमसे मिलने की तमन्ना है , प्यार का इरादा है और एक वादा हैं जानम ) - ( 2) जो कभी हम मिले , तो ज़माना देखेगा अपना प्यार ओ मेरे यार - ( 2) तुमसे मिलने की तमन्ना है , प्यार का इरादा है और एक वादा हैं जानम मै शायर नहीं दीवाना नहीं , मै आशिक नहीं परवाना नहीं - ( 2) मिली जबसे नजर तबसे जाने जिगर - ( 2) मै हो गया दीवाना - 2, अब्ब जाने क्या होगा जाने जाना ( तुमसे मिलने की तमन्ना है , प्यार का इरादा है और एक वादा हैं जानम ) - ( 2) ( क्या पता फिर कहा कब मुलाकात हो वो हसीना से फिर दिल की बात हो) - ( 2) उसके जैसी हसीं मैंने देखी नहीं - ( 2) रोकेगा क्या ज़माना मैंने दिल में है थाना मुझको उसे है अभी अपना बनाना ( तुमसे मिलने की तमन्ना है , प्यार का इरादा है और एक वादा हैं जानम ) - ( 2) जो कभी हम मिले , तो ज़माना देखेगा अपना प्यार ओ मेरे यार - ( 2) तुमसे मिलने की तमन्ना है , प्यार का इरादा है और एक वाद...

देखा है पहली बार, साजन की आँखों में प्यार

देखा है पहली बार , साजन की आँखों में प्यार   देखा है पहली बार , साजन की आँखों में प्यार   अब जा के आया मेरे , बेचैन दिल को करार   दिलबर तुझे मिलने को कब से था मैं बेकरार   अब जा के आया मेरे... पलकें झुकाऊँ तुझे दिल में बसाऊँ   अब बिन तेरे मैं तो कहीं चैन ना पाऊं   तू मेरा ज़िगर है तू मेरी नज़र है   तू मेरी आरजू तू मेरा हमसफ़र है   देखा है पहली बार... मेरी अदाएं ये मेरी जवानी   बस तेरे लिए है ये मेरी जिंदगानी   तू मेरी ग़ज़ल है तू मेरा तराना   आ तेरी धडकनों पे लिख दूँ दिल का फ़साना   देखा है पहली बार जानम की आँखों में प्यार   अब जा के आया मेरे   बेचैन दिल को करार...

रमय्या वस्तावय्या, रमय्या वस्तावय्या

रमय्या वस्तावय्या , रमय्या वस्तावय्या \- २ मैने दिल तुझको दिया \- २ हाँ रमय्या वस्तावय्या , रमय्या वस्तावय्या नैनों में थी प्यार की रोशनी तेरी आँखों में ये दुनियादारी न थी तू और था तेरा दिल और था तेरे मन में ये मीठी कटारी न थी मैं जो दुख पाऊँ तो क्या , आज पछताऊँ तो क्या मैने दिल तुझको दिया \- २ हाँ रमय्या वस्तावय्या , रमय्या वस्तावय्या ... उस देश में तेरे परदेस में सोने चांदी के बदले में बिकते हैं दिल इस गाँव में दर्द की छांव में प्यार के नाम पर ही तड़पते हैं दिल चाँद तारों के तले , रात ये गाती चले मैने दिल तुझको दिया \- २ हाँ रमय्या वस्तावय्या , रमय्या वस्तावय्या ... आ ... याद आती रही दिल दुखाती रही अपने मन को मनाना न आया हमें तू न आए तो क्या भूल जाए तो क्या प्यार करके भुलाना न आया हमें वहीं से दूर से ही , तू भी ये कह दे कभी मैने दिल तुझको दिया \- २ हाँ रमय्या वस्तावय्या , रमय्या वस्तावय्या ... रस्ता वही और मुसाफ़िर वही एक तारा न जाने कहाँ छुप गया दुनिया वही दुनियावाले वही कोई क्या जाने किसका जहाँ लुट गया मेरी आँखों...