आती है रात ओढ़े हुए दर्द का कफ़न
आती है रात
ओढ़े हुए दर्द का कफ़न-2
जालिम तेरी
निगाह से जलता गया कफ़न
आती है रात
ओढ़े हुए दर्द का कफ़न,
जालिम तेरी
निगाह से जलता गया कफ़न
आती है रात
ओढ़े हुए दर्द का कफ़न-2
किस किस को में दिखाऊ बता, अपने दिल के गम-2
पहने हुए हैं
सब ही यहाँ, मोत का कफ़न-2
जालिम तेरी
निगाह से जलता गया कफ़न
आती है रात
ओढ़े हुए दर्द का कफ़न
आये ना रस हमको तेरी, दोस्ती के फूल-2
कांटे चमन के
बनने लगे, फिर मेरा कफ़न-2
जालिम तेरी
निगाह से जलता गया कफ़न
आती है रात
ओढ़े हुए दर्द का कफ़न
ये जुल्म ये सितम ये दिलों की अदावतें-2
कहते हैं
इनको लोग यहाँ, बोलता कफ़न-2
आती है रात
ओढ़े हुए दर्द का कफ़न
आये ना रस
हमको तेरी, दोस्ती के फूल-2
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