ये दो दिल है चंचल हवाओ के झोंके
ये दो दिल है चंचल हवाओ के झोंके इन्हें कोन बांधे इन्हें कोन रोके
कभी चल दिए हम घटाओ के पीछे, कभी रह गये हैं बहारो में खोके
इन्हें कोन बांधे इन्हें कोन रोके-----------------------------------------------------------------------------
किरन भोर की मेरी बिंदिया बनेगी-२, मेरी मांग में सांज लाली भरेगी-२
तेरे संग चली में ये सपने संजोके-२, हमे कोन बांधे हमे कोन रोके
लगू अंग जो में बनू तेरा गहना, जो काजल बनू चुमलू तेरे नैना-२
कभी में ये सोचु कभी मन ये सोचे-२, हमे कोन बांधे हमे कोन रोके
हमे कोन बांधे हमे कोन रोके---------------------------------------------------------------------------------
जहाँ जाउंगी संग तुझे ले चलुगी-२, तुझे अपने आँचल से बांधे रहूंगी-२
कहाँ जायेगा तू मेरे मन से होके-२, हमे कोन बांधे हमे कोन रोके
हमे कोन बांधे हमे कोन रोके-----------------------------------------------------------------------
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