मत कर इतना गरूर सूरत पे ए हसीना

पंकज - मत कर इतना गरूर सूरत पे हसीना
मत कर इतना गरूर सूरत पे ए हसीना
तेरी सूरत पे नही हम तो तेरी सादगी पे मरते है..
अलका - दिलबर नज़रे मिलके हमको यूं देख ना
दिलबर नज़रे मिलके हमको यू देख ना
हम तो ऐसे दीवानो की दीवानगी से डरते है..

क्यू हमारा पीछा करता है?, बिन तेरे दिल आहे भरता है
क्यू फ़िदा है खिलते रंगो पे, नाज़ ना कर गोरे अंगो पे
होगी ना तेरी मेरी दोस्ती, अछ्छी नही इस कदर बेरुखी
होगी ना तेरी मेरी दोस्ती, अछ्छी नही इस कदर बेरुखी
दिलबर नज़रे मिलके हमको यू देख ना..
हम तो ऐसे दीवानो की दीवानगी से डरते है..

दिन है तेरा तेरी राते है, ये दीवानेपन की बाते है
तू हमारे खाबो मे आये, तू कही पागल ना हो जाये
उल्फत हमारी तेरे नाम है, हमको मोहब्बत से क्या काम है..
मत कर इतना गरूर सूरत पे ए हसीना..
तेरी सूरत पे नही हम तो तेरी सादगी पे मरते है..

हुस्न तो दो दिन मे ढल जाये, क्यू हमे बातो मे उलझाये
इश्क है सदियो का अफसाना, तू हमे लगता है परवाना
जादू सनम तुझ पे चल जायेगा, अगर पास आया तो जल जायेगा..
बोलो कुछ तो बोलो, दिलबर नज़रे मिलके हमको यू देख ना..
हम तो ऐसे दीवानो की दीवानगी से डरते है..

Comments

Popular posts from this blog

ये दो दिल है चंचल हवाओ के झोंके

तुमसे मिलने की तमन्ना है, प्यार का इरादा है

तुम से मिलके, ऐसा लगा तुम से मिलके